Jalandhar की Main सड़क आने-जाने वालों के लिए पूरी तरह बंद, हाईकोर्ट में सुनवाई आज

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जालंधर (खुराना): करीब डेढ साल पहले 9 दिसंबर 2022 को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों पर जालंधर पुलिस, जालंधर नगर निगम और इंप्रूवमैंट ट्रस्ट ने एक संयुक्त ऑपरेशन चला कर मॉडल टाऊन के साथ लगते लतीफपुरा के कब्जों पर एक्शन किया था जिसके चलते वहां वर्षों पुराने बने कई घरों को तोड दिया गया था। इस ऑपरेशन के बावजूद भी दोनों ही पक्षों को अभी तक कोई राहत नहीं मिल सकी है। सरकारी विभागों की लापरवाही के चलते न ही प्लॉटों के मालिकों और अलाटियों को न्याय मिला है और न ही इस ऑपरेशन के तहत विस्थापित हुए लोगों के पुनर्वास का ही कोई प्रबंध हो पाया। मौजूदा आप सरकार ने विस्थापित हुए लोगों के पुनर्वास संबंधी कई दावे, कई प्रयास किए जो सिरे नहीं चढ़ पाए। दूसरी ओर हालत यह हैं कि 120 फुट चौड़ी सड़क पर तब 50 प्रतिशत कब्जे हुए थे जिनको छुड़वाने के लिए लोग सुप्रीम कोर्ट तक गए थे परंतु अदालती आदेशों के बाद हुए ऑपरेशन के पश्चात 50 प्रतिशत कब्जे तो क्या हटने थे, उस सड़क पर अब 100 प्रतिशत अस्थाई कब्जा हो चुका है और लंबे समय से लतीफपुरा की मेन सड़क आवाजाई के लिए पूरी तरह से बंद है।

ग़ौरतलब है कि उस ऑपरेशन के बाद सरकारी अधिकारियों ने ना तो विवादित स्थल से मलबा इत्यादि हटाया और न ही नई सड़कों इत्यादि का निर्माण किया जिसके चलते वहां से विस्थापित परिवारों ने दोबारा वहां अपने आशियाने बना लिए है।
ऐसे में वहां लतीफपुरा पुनर्वास मोर्चा का गठन हो गया जो लगातार डेढ साल से सरकार की कार्रवाई प्रति विरोध जता रहा है और विस्थापित लोगों के पुनर्वास की मांग कर रहा है। वहीं दूसरी ओर याचिकाकर्त्ताओं ने खुद को इंसाफ न मिलते देख पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में दोबारा याचिका लगा रखी है, जिसपर कल यानी मंगलवार 14 मई को सुनवाई होने जा रही है।

हाईकोर्ट के वकील एडवोकेट आर.एस बजाज और एडवोकेट सिदकजीत सिंह बजाज द्वारा दायर इस याचिका में पंजाब सरकार को चीफ सेक्रेटरी के माध्यम से, लोकल बॉडीज विभाग को प्रिंसिपल सेक्रेटरी के माध्यम से, जालंधर प्रशासन को डिप्टी कमिश्नर के माध्यम से, इंप्रूवमैंट ट्रस्ट जालंधर को चेयरमैन के माध्यम से, जालंधर नगर निगम को कमिश्नर के माध्यम से और जालंधर पुलिस को पुलिस कमिश्नर के माध्यम से पार्टी बनाया गया है। सुनवाई दौरान पंजाब सरकार का पक्ष एडवोकेट जनरल या उनके प्रतिनिधि रखेंगे। इस मामले में जालंधर नगर निगम और जालंधर इंप्रूवमैंट ट्रस्ट ने भी अपनी ओर से वकील तैनात कर रखे हैं, माना जा रहा है कि यह वकील भी हाईकोर्ट में सुनवाई दौरान मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि मंगलवार को हाईकोर्ट से जो भी निर्देश प्राप्त होंगे, सरकारी अधिकारियों द्वारा उन्ही आदेशों के अनुरूप अगली कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधिकारी द्वारा दिया गया एफिडेविट फिर विवादों में घिरा
हाईकोर्ट में दोबारा दायर हुई याचिका के आधार पर पिछले दिनों जालंधर कमिश्नरेट पुलिस के एक असिस्टेंट कमिश्नर ने अदालत में एफिडेविट के रूप में स्टेटस रिपोर्ट दायर की है जो दोबारा विवादों में घिर गई है। माना जा रहा है कि याचिकाकर्त्ताओं के वकीलों द्वारा इसे फिर से चैलेंज किया जा रहा है। इस स्टेटस रिपोर्ट में कहा गया है कि लतीफपुरा से गुजरती सड़क के एक ओर तो मलबा पड़ा हुआ है जबकि सड़क के दूसरी ओर कब्जाधारी रह रहे है, सड़क कब्जों से बिलकुल रहित है और चल रही है। हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वालों का कहना है कि 120 फीट रोड पर लोगों ने पक्के और बड़े बड़े टैंट लगाकर कब्जे कर रखे हैं और वह सड़क यातायात के लिए पूरी तरह से बंद है।