जालंधर में स्मार्ट घोटाले के बाद अब नगर निगम के अफसरों पर लगे ये आरोप

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जालंधर: 10 साल पहले केंद्र की सत्ता में आई नरेंद्र मोदी सरकार ने देश के शहरों को साफ और सुंदर बनाने के लिए स्मार्ट सिटी मिशन, स्वच्छ भारत मिशन और अमरूत जैसी स्कीमें लांच कीं जिनके माध्यम से पंजाब जैसे राज्य को अरबों रुपए की आर्थिक मदद केंद्र सरकार से मिली परंतु जालंधर में समय-समय पर रहे अफसरों ने करोड़ों रुपया खा पी लिया जिस संबंध में केंद्र सरकार कुछ नहीं कर सकी।

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स्मार्ट सिटी की बात करें तो थर्ड पार्टी रिपोर्ट और कैग रिपोर्ट में इसके कई घोटाले साबित हो चुके हैं जिस संबंध में अभी कोई एक्शन नहीं हुआ। स्टेट विजिलैंस ने भी अभी कोई कार्रवाही नहीं की। जालंधर में रहे अफसर स्वच्छ भारत मिशन के तहत आई ग्रांट का भी सही उपयोग नहीं कर सके जिसका खामियाजा शहर आज तक भुगत रहा है।

जालंधर निगम को कांग्रेस की सरकार दौरान अमरूत योजना के तहत भी केंद्र से भारी धनराशि मिली परंतु अमरूत योजना का ज्यादातर पैसा खुर्द-खुर्द ही हो गया। काम करने वाले ठेकेदार जहां मालामाल हो गए, वहीं समय-समय पर रहे राजनेता भी अपनी तिजौरियां भरते रहे।